कुपोषण के मामलो में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है. अत्यंत दुःख का विषय है . १० में से ६ बच्चे कुपोषण की गंभीर श्रेणी में है . वनांचल में रहने वाले वनवासी बंधुओं के मासूम बच्चों की दशा ये मोबाइल से लिए गए चित्र प्रदर्शित कर रहे है .
अशिक्षा, गरीबी, जागरूकता की कमी, रहन सहन का निम्न स्तर, सरकारी योजनाओं का आधा अधूरा क्रियान्वयन, अन्धविश्वाश की गहरी जड़े, खान पान सम्बन्धी आदतें आदि अनेक कारण हैं.
यूनीसेफ, विश्व स्वस्थ्य संगठन जैसी अनेको अंतरास्ट्रीय संस्थाएं कुपोषण के कहर से बच्चो को बचाने में लगी है, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वस्थ्य मिशन के तहत चलाये जा रहे कार्यक्रमों के तहत अनेकों सद्प्रयाश किये जा रहे हैं पर ये सब सरकारी तरीके से ही हो रहा है. मैदानी अधिकारी कर्मचारी की क्षमता वृध्धि इस हेतु अत्यंत आवश्यक है जो नहीं की जा रही है . शिक्षा अधिनियम, म. गा. रोजगार ग्यारंटी अधिनियम देश की विकाश में मील का पत्थर होगा.

ashish ji
ReplyDeleteVery good Malnutrition is a big problem in madhya pradesh.